
प्रतिमाओं में जान फूंकने में जुटे हैं शिल्पकार
पट खुलने में मात्र तीन दिन का इंतजार

उदवंतनगर। रविवार को शारदीय नवरात्रि का आज चौथा दिन है। श्रद्धालु जहां मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा अर्चना में जुटे हैं वहीं शिल्पी माता एवं सहकरों के प्रतिमाओं को मूर्तिमान करने में रात दिन एक कर रहे हैं। समय कम बचा है वैसे में शिल्पकार अपनी कला का सर्वस्व अर्पण को तैयार हैं। नवरात्रि के षष्ठी अथवा कहीं सप्तमी के दिन मां दुर्गा धरती पर अवतरित होती हैं और उनका पट श्रद्धालुओं के दर्शन लिए खोला जाता है। माता का अवतरण मूल नक्षत्र में होता है।इस वर्ष 8 अक्टूबर मंगलवार को मूल नक्षत्र का आगमन रात्रि 1.05 बजे से हो रहा है जो 9 अक्टूबर बुधवार की रात्रि 1.44 बजे तक रहेगा।इस लिए भक्तों के दर्शन के लिए माता का पट 9 अक्टूबर खुलेगा।10 अक्टूबर को सप्तमी,11 अक्टूबर को महाअष्टमी महानवमी व दशमी का योग हो रहा है। विजयादशमी 12 अक्टूबर शनिवार को मनाई जाएगी। वैसे में शिल्पकारों का जिम्मेवारी और बढ़ गई है। उदवंतनगर में मां दुर्गा की प्रतिमा बना रहा शिल्पी ने बताया कि मां दुर्गा की प्रतिमा बड़ी सावधानी से बनाई जाती है।यह देखना पड़ता है कि छोटी सी भी त्रुटि न रह जाए।मूर्ति को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसमें कारीगर रात दिन लगे हुए हैं।मूर्ति का रंग रोगन का कार्य लगभग अंतिम चरण में है।









